Thursday, April 15, 2010

6 अपने कंप्यूटर से प्रोग्राम को रिमूव करें पूरी तरह


अक्सर ऐसा होता है कि हम अपने कंप्यूटर से कोई सोफ्टवेयर या प्रोग्राम को
रिमूव करते हैं तो वो प्रोग्राम all programs से तो हट जाता है लेकिन add
or remove programs में उसकी एंट्री रह जाती और वहां हमें प्रोग्राम का
नाम नज़र आ रहा होता है. ऐसा प्रोग्राम का पूरी तरह रिमूव नहीं होने के
कारण होता है. इसके समाधान के लिए सबसे पहले start पर क्लिक करें
फिर run में जाएँ. वहां टाइप करें regedit फिर ओके कर दें.अब आपके
सामने रजिस्ट्री एडिटर की विण्डो खुलेगी उसमे बताये गए तरीके से क्लिक
करते जाएँ.
HKEY_LOCAL_MACHINE/SOFTWARE/microsoft/windows/currentversion/uninstall
जब आप अंत में uninstall पर क्लिक करेंगे तो वहां आपके कंप्यूटर के
सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट आ जायेगी.अब आप जिस प्रोग्राम को हटाना चाहते
हैं उस पर राईट क्लिक करके delete मार दें.यहाँ से डिलीट होने के बाद वो
प्रोग्राम add or remove programs से भी हट जायेगा.
.

Sunday, April 4, 2010

3 वायरस से बचें ऑटो प्ले आप्शन को ऑफ करके

ऑटोप्ले विंडोज का बहुत अच्छा फीचर है.ये ऑन होने पर हमारी सीडी
या पेन ड्राइव कंप्यूटर में डालते ही ऑटो प्ले मतलब अपने आप खुल जाती
है.हमें खोलने की मेहनत नहीं करनी पड़ती.लेकिन कई बार ऑटो प्ले होना
बहुत खतरनाक भी हो जाता है जब हमारी सीडी या पेन ड्राइव में वायरस हो.
और हमें ड्राइव को स्केन का मौका भी नहीं मिल पाता.और इस तरह हमारा
कंप्यूटर वायरस की चपेट में आ जाता है.ऑटो प्ले आप्शन को ऑफ करके
वायरस से बचा जा सकता है.
इसके लिए सबसे पहले start पर क्लिक करें.फिर run में जाएँ.वहां टाइप
करें gpedit.msc फिर ओके कर दें.अब आपके सामने ग्रुप पॉलिसी की विंडो
खुलेगी.उसमें administrative templates पर क्लिक करें.फिर system पर
क्लिक करें.अब दायीं तरफ लिस्ट में turn off autoplay पर क्लिक करें.अब
एक विंडो खुलेगी उसमें enabled को सेलेक्ट करें.और निचे turn off autoplay
on में all drives को सेलेक्ट करें.अब apply करके फिर ओके करके बाहर
आ जाएँ.अब सीडी या पेन ड्राइव तब ही खुलेगी जब आप इसे खोलेंगे.

Sunday, March 21, 2010

0 अनावश्यक ईमेल से पाएं छुटकारा

इन्टरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल भेजने या मंगाने में किया
जाता है जो की बिल्कुल मुफ्त सर्विस है और बहुत उपयोगी भी.लेकिन
कुछ लोग मुफ्त होने के कारण इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने
के लिए करते हैं.कुछ यार दोस्त भी फ़ालतू मेल भेजते रहते हैं.और कई
कम्पनियाँ भी अपने विज्ञापन और ऑफर्स के मेल भेजती रहती है.और
हमारा इनबोक्स हमेशा भरा रहता है.और इनको चेक कर कर के डिलीट
करना हमारे लिए सरदर्द बन जाता है.यदि आप इन अनावश्यक ईमेल से
परेशान हैं तो बताये गए स्टेप्स को फोलो करें.

जीमेल यूजर्स
पहले अपने जीमेल अकाउंट से login करें. अब ऊपर दायीं तरफ setting
पर क्लिक करें.उसके बाद filters पर क्लिक करें.वहां आपको एक आप्शन
मिलेगा create a new filter उस पर क्लिक करें.अब from फील्ड में वो
ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब next step पर
क्लिक करें.अब choose action में delete it पर चेक का निशान लगा दें.
अंत में create filter पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से भेजी
गयी कोई भी मेल आपको रिसीव नहीं होगी बल्कि सीधे trash के फोल्डर
में चली जाएगी.

याहू यूजर्स
पहले अपने याहू अकाउंट से login करें.अब ऊपर दायीं तरफ options पर
क्लिक करें.अब एक ड्रॉप डाउन मेनू खुलेगा उसमे more options को क्लिक
करें.अब बायीं तरफ से filters को सेलेक्ट करें.फिर create or edit filters पर
क्लिक करें.अब अगले पेज में add पर क्लिक करें.अब अगले पेज में filter
name में कुछ भी नाम डाल दें.और from header के सामने खाली बॉक्स
में वो ईमेल एड्रेस लिख दें जिसको आप ब्लाक करना चाहते हैं.अब निचे
move to message to में trash को सेलेक्ट कर दें.और अन्त में add filter
पर क्लिक कर दें.अब दिए गए ईमेल एड्रेस से कोई भी मेल आपको रिसीव
नहीं होगी.और सीधे ही trash के फोल्डर में चली जाएगी.

इसी तरह आप अन्य ईमेल एड्रेस को ब्लाक कर सकते है.बस हर बार
इसी तरह नया filter बनायें.

1 अपने फोल्डर को सजाएँ रंगीन और खूबसूरत आइकॉन से


क्या आप विंडोज एक्सपी के डिफॉल्ट फोल्डर आइकॉन्स जो कि
बिल्कुल सिम्पल से एक ही पीले रंग के होते हैं की जगह रंगीन
और खूबसूरत आइकॉन्स लगाना चाहते है?तो निचे दिए गए
स्टेप्स को फोलो करें.

जिस फोल्डर का आइकॉन चेंज करना हो उस पर राईट क्लिक करें.
फिर property में जाएँ.फिर costomise पर क्लिक करें.अब
change icon को क्लिक करें.अब आपको बहुत से खूबसूरत
आइकॉन्स नज़र आयेंगे.उनमे से अपनी पसंद का आइकॉन
सेलेक्ट करें और ओके करदें.फिर apply कर दें.अब आपका
पीले रंग का आइकॉन आपके पसंद के आइकॉन में बदल जायेगा.
इसी तरह आप कंप्यूटर के सभी फोल्डर्स के आइकॉन चेंज कर
सकते हैं.

Thursday, March 18, 2010

4 चलती मूवी से तस्वीरों को करें सुरक्षित

यह एक छोटी सी टिप है लेकिन जरूरतमंद के लिए बहुत काम की
टिप है.आप विंडोज मीडिया प्लेयर पर मूवी चलाते समय मूवी से
तस्वीरें सुरक्षित कर सकते हैं.आपको बस इतना करना है कि जब
मूवी चल रही हो उस समय जहाँ से आपको तस्वीर लेनी हो वहां
जल्दी से कीबोर्ड पर Ctrl+i यानि Ctrl और i को एक साथ दबाएँ.
अब एक विंडो खुलेगी जिसमें आपको तस्वीर सेव करने को कहा
जायेगा इस तरह -
अब तस्वीर को कोई भी नाम देकर save कर दें. इसी तरह आप चाहे
जितनी तस्वीरें सुरक्षित कर सकते हैं,आपकी तस्वीरें my pictures
के फोल्डर में स्टोर होंगी.

0 कंप्यूटर चलाते हुए करें अपनी आँखों की सुरक्षा

तकनीक के इस दौर में आज कोई ऐसा कोई काम नहीं है जो कंप्यूटर के
बिना हो सके.कंप्यूटर से जहाँ हमें बहुत से फायदे हैं वहां कुछ नुकसान भी
है.इसका ज्यादा इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है.इसका सबसे
ज्यादा प्रभाव हमारी आँखों पर पड़ता है.जिससे आँखों की रौशनी कम हो जाना,
सिरदर्द,अनिद्रा आदि समस्याएँ पैदा हो जाती है.लेकिन अगर कुछ बातों का
ध्यान रखा जाये तो इन समस्याओं से बहुत हद तक बच सकते है.

अगर हो सके तो पुराने CRT मोनिटर की जगह LCD मोनिटर का इस्तेमाल
करें.LCD मोनिटर आँखों को कम नुकसान पहुंचाते हैं.इसके साथ ही बिजली
की खपत भी कम करते है.

मोनिटर और आँखों के बीच कम से कम 18 इंच की दूरी जरूर होनी चाहिए.

मोनिटर स्क्रीन पर अतिरिक्त स्क्रीन लगायें.

कंप्यूटर पर लगातार काम करते समय हर 1 घंटे में थोडा ब्रेक लें और
एक ग्लास ठंडा पानी पियें व ठन्डे पानी से आँखों को धोएं.

बिलकुल अँधेरे कमरे में कंप्यूटर पर काम न करें.

कमरे की लाईट की रौशनी सीधे मोनिटर स्क्रीन पर नहीं पड़नी चाहिए.

कंप्यूटर पर काम करते समय ज्यादा छोटे फॉण्ट का इस्तेमाल न करें.

कंप्यूटर पर काम करते समय हमारी पलकें झपकाने की गति सामान्य
से बहुत कम हो जाती है.इसलिए एक साथ टिकटिकी लगाकर ना देखें
बल्कि पलकें झपकाते रहें.

मोनिटर आँखों से ऊपर नहीं होना चाहिए.अपनी बैठने की कुर्सी इस तरह
सेट करें कि आँखें बिलकुल मोनिटर के सामने हो.

जहाँ तक हो सके रात को देर तक इन्टरनेट सर्फिंग ना करें.

Wednesday, March 17, 2010

4 विंडोज स्टार्टअप में सेट करें अपनी मनपसंद टोन

क्या आप विंडोज xp के स्टार्ट होते समय आने वाली बोरिंग टोन से
बोर हो गए हो तो उसकी जगह सेट कीजिये अपनी मनपसंद की कोई
भी धार्मिक,फन्नी या गाने की टोन.इसके लिए आपकी टोन wave फोर्मेट
में होनी चाहिए.अगर आपकी टोन mp3 फोर्मेट में है तो पहले उसको wave
फोर्मेट में कन्वर्ट करें.इसके लिए आप यहाँ से mp3 to wav converter
डाउनलोड करें और इसमें कन्वर्ट कर लें.

अब अपनी wave टोन को C ड्राइव के windows फोल्डर
में जाकर media फोल्डर में कॉपी कर दें.अब control panel में जाएँ.फिर
sounds and audio devices में जाएँ.अब एक विण्डो खुलेगी इस तरह
इस विण्डो में sounds पर क्लिक कीजिये.अब नीचे program events में
start windows पर क्लिक करें.अब नीचे browse में जाएँ.वहां media फोल्डर
खुल जायेगा.वहां से अपनी पसंद की टोन सेलेक्ट करें और ok कर दें.अब
apply पर क्लिक करके बाहर आ जाएँ.बस काम खत्म.अब आप कंप्यूटर
रिस्टार्ट करके चेक कर सकते हैं.

नोट-यह टिप सिर्फ xp यूजर्स के लिए है, vista यूजर्स यह टिप इस्तेमाल न करें.

Tuesday, March 16, 2010

0 मुफ्त में बढ़िया एंटीवायरस

हम सब मानते हैं कि मुफ्त का माल कभी भी अच्छा नहीं होता
लेकिन एक चीज है जिसके बारे में ये कह सकते हैं कि कभी कभी
मुफ्त में भी बढ़िया चीज मिल सकती है.मैं बात कर रहा हूँ AVG फ्री
एंटीवायरस की.इसमें वो सभी खूबियाँ है जो एक बढ़िया एंटीवायरस
में होनी चाहिए.ये आप के सिस्टम को पूरी तरह से वायरस से सुरक्षा
प्रदान करता है.ये किसी भी वायरस वाली फ़ाइल या फोल्डर को ओपन
करते ही ऑटोमेटिक वायरस को पकड़ लेता है.आपके इ-मेल को स्केन
करता है.ऑटोमेटिक अपडेट होता है.इसका इंटरफेस इतना आसान है
कि नया कंप्यूटर यूजर भी इसे आसानी से यूज कर सकता है.इसके
अलावा भी इसमें बहुत सी खूबियाँ है. मैं इसे कई सालों से यूज कर रहा
हूँ और मुझे कभी वायरस समस्या ने तंग नहीं किया.आप भी इसे यूज
करें.ये बिलकुल फ्री है.आप यहाँ से इसका लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड कर
सकते हैं.

Monday, March 15, 2010

3 थोड़ा सा मुस्कुरा लें

क्या आप नेट पर काम करते-करते बोर हो गए हैं?क्यों ना
थोडा सा मुस्कुरा लें. इस साईट को खोलें.और अपने माउस
को लड़की के चेहरे के पास ले जाएँ या क्लिक करें.फिर देखें
कैसे आपकी बोरियत मुस्कराहट में बदल जाती है.खुद भी
देखें और दोस्तों को भी दिखाएँ.

Sunday, March 14, 2010

2 अपना मनपसन्द 3डी टेक्स्ट एनीमेशन बनायें बिना सोफ्टवेयर के

क्या आप अपने नाम का 3डी एनीमेशन बनाना चाहते हैं?लेकिन
आपको ग्राफिक सोफ्टवेयर में एनीमेशन बनाना नहीं आता तो
परेशान ना हों. मैं लाया हूँ आपके लिए एक ऐसी साईट जिस पर
जाकर आप अपने मनपसंद फॉण्ट,रंग,स्टाइल व साइज़ का
खूबसूरत 3डी एनीमेशन बना सकते हैं. बस आपको इस साईट
पर जाकर अपने मनपसंद फॉण्ट,साइज़ आदि को चुनना है और
सबसे निचे बॉक्स में जिस नाम का टेक्स्ट एनीमेशन बनाना है
वो नाम लिख दें.बस एक मिनट के अन्दर आपका एनीमेशन
तैयार है.

1 रजिस्ट्री का बेकअप कैसे करें ?

पिछली पोस्ट में मैंने आपको रजिस्ट्री एडिटर के बारे में जानकारी दी थी.
इस पोस्ट में रजिस्ट्री का बेकअप कैसे लिया जाता है बताया जायेगा.
सबसे पहले रजिस्ट्री एडिटर को खोलें.उसमें ऊपर दिए गए file मेनू में
जाएँ.वहां से export पर क्लिक करें.अब जो विण्डो खुलेगी उसमे आपको
रजिस्ट्री सुरक्षित करने को कहा जायेगा.उसमे save in के आगे वो फोल्डर
या स्थान चुने जहाँ आप रजिस्ट्री का बेकअप रखना चाहते हैं. नीचे filename
में पहचान के लिए कुछ भी नाम या उस दिन की दिनांक लिख दें और save
पर क्लिक कर दें.अब आपकी रजिस्ट्री का बेकअप सुरक्षित हो जायेगा.

अब अगर कभी आप से रजिस्ट्री एडिटर में कोई गड़बड़ हो जाये और सिस्टम
में कोई समस्या आ जाये तो रजिस्ट्री को रिस्टोर कर दें. रिस्टोर करने के लिए
रजिस्ट्री एडिटर के file मेनू में import पर क्लिक कर दें.अब जो विण्डो खुले
उसमे अपनी बेकअप की गयी रजिस्ट्री को उसके स्थान से चुनें और open पर
क्लिक कर दें.अब आपकी रजिस्ट्री पहली वाली स्थिति में आ जाएगी.

एक बात ध्यान में रहे कि रजिस्ट्री एडिटर में कोई भी बदलाव करने के बाद
कंप्यूटर रिस्टार्ट करना जरूरी है.

Saturday, March 13, 2010

0 क्या है रजिस्ट्री एडिटर ?


रजिस्ट्री एडिटर का नाम सभी कंप्यूटर यूजर्स ने सुना होगा लेकिन इसके
बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. रजिस्ट्री एडिटर विंडोज का एक विशेष टूल है.
यह एक ऐसा डाटाबेस होता है जिसमे हमारे कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम,सोफ्टवेयर,
हार्डवेयर आदि सभी की सेट्टिंग एंव इन्फोर्मेशन सुरक्षित रहती है.हम सिस्टम में
किसी भी तरह की सेट्टिंग करते हैं तो वो इसमें सुरक्षित हो जाती है.कंप्यूटर में
किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए रजिस्ट्री एडिटर में जाकर ही करना पड़ता है.
लेकिन यह बहुत नाज़ुक टूल है.इसमें मामूली गलती होने पर आपका पूरा सिस्टम
या कोई प्रोग्राम या हार्डवेयर काम करना बंद कर सकता है.जब हम इसमें कोई बदलाव
करते हैं तो कंट्रोल पेनल की तरह चेतावनी नहीं देता बल्कि सेव हो जाता है.इसलिए
नए यूजर्स को इसमें छेड़खानी करने से बचना चाहिए जब तक इसके बारे में पूरी
जानकारी ना हो.
हमारे ब्लॉग में कई टिप्स एंव ट्रिक्स रजिस्ट्री एडिटर से सम्बंधित बताई गई
है उनका प्रयोग बहुत सावधानीपूर्वक करें. रजिस्ट्री एडिटर में किसी भी तरह का
बदलाव करने से पहले रजिस्ट्री का बेकअप जरूर ले लेना चाहिए ताकि गड़बड़ होने
पर वापस रिस्टोर किया जा सके. इसका तरीका हम अगली पोस्ट में बताएँगे.
रजिस्ट्री एडिटर को खोलने के लिए start मेनू में जाएँ.फिर run पर क्लिक
करें.अब बॉक्स में ये टाइप करें-regedit फिर ओके कर दें.अब आपके सामने
रजिस्ट्री एडिटर की विंडो खुल जाएगी.

Friday, March 12, 2010

3 डिस्क क्लीनप टूल से करें अपने कंप्यूटर की सफाई


डिस्क क्लीनअप टूल विण्डो का बहुत उपयोगी टूल है.इसकी
सहायता से हम अपने कंप्यूटर में पड़ी अनावश्यक फाइल्स जैसे कि
टेम्परेरी फाइल्स,टेम्परेरी इन्टरनेट फाइल्स आदि जो कि हमारे किसी
काम की नहीं होती और फ़ालतू जगह घेरती है को कंप्यूटर से हटा देती
है.इस को काम में लेने के लिए सबसे पहले my computer को खोलें.
अब C ड्राइव को राईट क्लिक करें.फिर property में जाएँ.अब जो
विण्डो खुले उसमे disk cleanup पर क्लिक करें.अब आपके सामने
सिस्टम की सभी अनावश्यक फाइल्स की लिस्ट आ जाएगी उन सब
को चेक कर दें मतलब कि सब पर राईट का निशान लगा दें.इस तरह-
अब ओके कर दें.फिर yes कर दें.अब टूल अपना काम चालु कर देगा
और कुछ देर में सभी अनावश्यक फाइल्स को रिमूव कर देगा.अब दूसरी
ड्राइव्स D E F आदि को भी इसी तरह से क्लीन करें.
डिस्क क्लीनप टूल को कुछ दिनों के अंतराल से चलाते रहना चाहिए.
इससे कंप्यूटर की स्पीड तेज होती है.

Thursday, March 11, 2010

0 डिस्क डिफ्रेगमेंटर टूल -बढ़ाएं कंप्यूटर की परफोमेंस


डिस्क डिफ्रेगमेंट विंडोज एक्सपी का बहुत ही उपयोगी टूल है.इसका
काम है कंप्यूटर में बिखरी पड़ी अव्यवस्थित फाइल्स को व्यवस्थित करना.
जिससे हमारे कंप्यूटर का बहुत सा स्पेस खाली हो जाता है.कंप्यूटर की स्पीड
तेज हो जाती है.प्रोग्राम्स तेजी से खुलते हैं.कुल मिला कर हमारे कंप्यूटर की
परफोमेंस बहुत बढ़िया हो जाती है. डिफ्रेगमेंट हफ्ते में एक बार या कम से कम
महीने में एक बार जरूर करनी चाहिए.

डिफ्रेगमेंट चलाने के लिए सबसे पहले start में जाएँ.फिर इसके बाद
all programs पर माउस ले जाएँ.अब प्रोग्राम लिस्ट में accessories फिर
system tools पर माउस ले जाएँ और disk defragmenter पर क्लिक करें.
अब आपके सामने disk defragmenter की विंडो खुल जाएगी इस तरह.
इसमें आपकी हार्डडिस्क की सभी ड्राइव्स C D E F आदि नज़र आएगी.
अब पहली ड्राइव पर राईट क्लिक करें और defragment पर क्लिक कर दें.
अब डिफ्रेगमेंट चालु हो जाएगी और और 15 -20 मिनट का समय लेगी.और
सभी फाइल्स को व्यवस्थित कर देगी.अब बाकी सभी ड्राइव्स पर भी इसी तरह
से डिफ्रेगमेंट चलायें.
यह ध्यान रहे डिफ्रेगमेंट चलाने के लिए आपकी हर ड्राइव में 15% स्पेस
जरूर होना चाहिए.यदि स्पेस ना हो तो फ़ालतू फाइल्स को हटा दें.

Wednesday, March 10, 2010

6 पेन ड्राइव फोर्मेट करने का सही तरीका

अक्सर हमारी यूएसबी पेन ड्राइव वाइरस या किसी और कारण से
कई तरह के एर्रर देने लग जाती है और कई बार सामान्य तरीके से फोर्मेट
करते समय भी एर्रर आ जाता है और पेन ड्राइव फोर्मेट नहीं हो पाती है.लेकिन
एक तरीका है जिससे आपकी पेन ड्राइव फोर्मेट भी हो जाएगी और कोई एर्रर
होगा तो वो भी ख़त्म हो जायेगा.
सबसे पहले पेन ड्राइव को कंप्यूटर से जोड़ें. फिर माई कंप्यूटर पर राईट
क्लिक कीजिये वहां आपको manage का आप्शन मिलेगा उसे क्लिक
कीजिये.अब आपके सामने computer management की विंडो खुलेगी,
उसमे disk management पर क्लिक कीजिये.अब दायीं तरफ आपके
हार्डडिस्क और पेन ड्राइव की ड्राइव्स दिखने लग जाएगी.अब पेन ड्राइव पर
राईट क्लिक करें फिर format पर क्लिक करें.अब जो सन्देश आये उसे
yes कर दें फिर ok करदें.अब पेन ड्राइव फोर्मेट हो जाएगी और सभी एर्रर
भी ख़त्म हो जायेंगे. एक बात और,फोर्मेट करने से पहले सावधानी से पेन
ड्राइव की ड्राइव को सेलेक्ट करें ऐसा ना हो कि आप गलती से हार्डडिस्क की
ड्राइव को फोर्मेट कर दें और आपका पूरा डाटा ख़त्म हो जाये.

Tuesday, March 9, 2010

1 अपने कंप्यूटर से प्रोग्राम हटायें अलग तरीके से

आप अपने कंप्यूटर से किसी भी प्रोग्राम को हटाने के लिए क्या
करते हैं? जाहिर सी बात है कन्ट्रोल पेनल में जाकर add and remove
programs में जाकर remove करते हैं. लेकिन हमारे कंप्यूटर में कुछ
ऐसे प्रोग्राम भी होते हैं जो स्टार्ट मेनू के all programs में तो दिखाई देते
हैं लेकिन add and remove programs में दिखाई नहीं देते. तो ऐसे
प्रोग्राम को आप कंप्यूटर से कैसे हटायेंगे?
इस तरह के प्रोग्राम को हटाने के लिए सबसे पहले start फिर run में
जाएँ.वहां टाइप करें c:/windows/installer फिर ओके कर दें.अब आपके
सामने एक विंडो खुलेगी जिसमें आपके सभी प्रोग्राम्स के installer होंगे
लेकिन आप उनको पहचान नहीं पाएंगे.इसके लिए आप माउस पॉइंटर को
एक एक करके सभी installer के पास ले जाएँ वहां आपको प्रोग्राम का नाम
नजर आ जायेगा.अब जिस प्रोग्राम को आप हटाना चाहते हैं उस पर राईट
क्लिक करें फिर uninstall पर क्लिक करदें.आपका प्रोग्राम हट जाएगा.

Monday, March 8, 2010

3 किसी भी वेबसाइट को कीजिये ब्लाक बिना सोफ्टवेयर के

क्या आपका बच्चा फेसबुक,ऑरकुट आदि सोशल नेटवर्किंग साइट्स
पर कुछ ज्यादा ही समय बिता रहा है और पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहा है .या
आपका छोटा भाई चोरी छुपे पोर्न मतलब अश्लील साइट्स पर लगा रहता है
तो परेशान मत होइए. एक तरीका है जिससे आप किसी भी साईट को ब्लाक
कर सकते हैं.
सबसे पहले start में जाएँ फिर run पर क्लिक करें अब बॉक्स में यह
टाइप करें c:/windows/system32/drivers/etc फिर ओके कर दें.अब जो
विंडो खुलेगी उसमें एक फाइल मिलेगी hosts नाम से उसको notepad से
ओपन करें अब वो फाइल नोटपेड में खुल जाएगी.अब सबसे नीचे ये लिखा
हुआ नज़र आएगा 127.0.0.0.1 localhost अब इसके निचे यूँ लिखें -
127.0.0.0.2 फिर स्पेस देकर जिस वेबसाइट को ब्लाक करना है उसका पूरा
एड्रेस लिख दें.समझने के लिए नीचे चित्र को देखें.
इसी तरह आप एक साथ कई साइट्स को ब्लाक कर सकते हैं
बस आईपी एड्रेस की संख्या एक एक बढाते रहे और आगे साईट का नाम लिखते
रहें. अब नोटपेड से बाहर आ जाए और लिखे हुए को सेव कर दें.
अब आपके कंप्यूटर पर आपकी ब्लाक की गयी साइट्स को कोई भी
देख नहीं सकेगा.साइट्स को वापस दिखाने के लिए hosts में जो कुछ लिखा
है उसको डिलीट मार दें.

Sunday, March 7, 2010

1 अपने सीडीरोम ड्राइव को लम्बे समय तक खराब होने से बचाएं

आप यह सोच कर नया कंप्यूटर लेकर आये कि नया कंप्यूटर कुछ साल कोई
समस्या पैदा नहीं करेगा और आमतौर पर कोई समस्या करता भी नहीं है. लेकिन
एक चीज है जो कुछ महीनो में ही समस्या पैदा करने लग जाती है,वो है सीडी या डीवीडी
रोम ड्राइव. इसमें कई तरह कि समस्या आने लग जाती है कभी भरी हुई सीडी को खाली
बताती है कभी सीडी राईट करते समय बीच में जाकर रुक जाती है कभी नो डिस्क बताती
है इस तरह कई समस्या आने लग जाती है और यही सीडी दोस्त के कंप्यूटर पर बिलकुल
सही चलती है.फिर आप दुखी होकर नया सीडीरोम ड्राइव लगवाते हैं.लेकिन क्या कभी
आपने यह सोचा है कि यह समस्या क्यों आती है?
मेरे कई दोस्तों को भी यही समस्या आई तो मैंने पुछा कि क्या आप सीडी को सीधे ही
सीडीरोम ड्राइव से चलाते हैं तो उन सब का जवाब हाँ में था.सीडी को डायरेक्ट सीडीरोम ड्राइव
पर चलाने से इसका हेड और लेंस बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं.

तो प्रिय पाठकों अगर आप अपने सीडीरोम को लम्बे समय तक खराब होने से बचाना
चाहते हों तो कुछ बातों का ध्यान रखें. जब भी कंप्यूटर पर सीडी से मूवी देखनी हो या गाने
सुनना हो या सोफ्टवेयर इन्स्टाल करना हो तो सीडी को सीधे ही सीडीरोम ड्राइव में ना चलायें
बल्कि पहले अपनी हार्डडिस्क पर कॉपी करें फिर वहां से जो करना है करें.दूसरी बात अपने
कंप्यूटर में स्क्रेच लगी हुई सीडी ना चलायें.अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपका
सीडीरोम ड्राइव कई महीने नहीं बल्कि कई सालों तक कोई प्रॉब्लम नहीं करेगा.

2 अपनी स्क्रेच सीडी को करें कॉपी

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने दोस्त से या बाज़ार से
अपनी फेवरेट मूवी की सीडी बड़े शौक से लेकर आये हों और अपने कंप्यूटर पर
कॉपी कर रहे हों.आधी सीडी कॉपी होने के बाद या बिलकुल अंत में आपका कंप्यूटर
ये error दे दे cannot copy file मतलब कि सीडी कॉपी नहीं हो सकती.तो आपको
कितना गुस्सा आएगा कि जो कॉपी हुआ उससे भी हाथ धोना पड़ा.यह error सीडी
पर स्क्रेच के कारण आता है भले ही मामूली स्क्रेच ही क्यों ना हो.लेकिन एक तरीका
है जिससे आप पूरी सीडी तो नहीं लेकिन जितना कॉपी हुआ हो उसको बचा सकते हैं.

इसके लिए जब आप सीडी कॉपी कर रहे हों और यह error आ जाये तो की-बोर्ड से
CTRL+ALT+DELETE को एक साथ दबाएँ तो टास्क मेनेजर की विंडो खुल जाएगी
उसमे इस error को end task कर दें.अब जितनी सीडी कॉपी हुई है वो आपके
कंप्यूटर में सुरक्षित हो जाएगी.

अब बताइये कैसी लगी यह ट्रिक ..

Saturday, March 6, 2010

1 अपने महत्वपूर्ण डाटा को करें सुरक्षित बिना सोफ्टवेयर के

अगर आप चाहते हैं कि आपके कंप्यूटर में आपका महत्वपूर्ण डाटा कोई
दूसरा व्यक्ति देख न सके इसके लिए कुछ तरीके हैं इनसे आप कुछ हद तक अपना
महत्वपूर्ण डाटा दूसरों से सुरक्षित रख सकते हैं वो भी बिना किसी सोफ्टवेयर के.

१. सबसे पहले वो तरीका जो सबसे ज्यादा काम में लिया जाता है. इसमें फोल्डर को
lock नहीं लगाया जाता बल्कि छुपा दिया जाता है. जिस फ़ाइल या फोल्डर को
छुपाना हो उस पर राईट क्लिक करके property में जाएँ.अब सबसे नीचे जाकर
hidden को चेक कर दें,फिर apply करके ओके कर दें. अब ऊपर टूलबार में tools
पर जाएँ फिर folder options पर क्लिक करें अब जो विंडो खुले उसमें view पर
क्लिक करें.अब advanced setting में do not show hidden files and folders को
सेलेक्ट करें और apply करके ओके कर दें.अब आपका फोल्डर अपनी जगह से गायब
हो जायेगा और कोई भी उसे देख नहीं पायेगा .फोल्डर को वापस लाने कि लिए folder
options की विंडो में show hidden files and folders को सेलेक्ट कर दें.

२.इसमें फ़ाइल या फोल्डर को पासवर्ड के द्वारा lock कर दिया जाता है.जिस फ़ाइल या
फोल्डर को lock करना है उस पर राईट क्लिक करें फिर send to compressed
(zipped) folder को क्लिक कर दें. अब उसी नाम का दूसरा जिप फोल्डर बन जायेगा
उस फोल्डर को खोलें. अब ऊपर दिए गए file मेनू में जाएँ वहां से add a password को
सेलेक्ट करें. अब अपनी मर्जी का पासवर्ड देकर ओके कर दें. अब कोई भी आपके डाले
गए पासवर्ड के बिना फाइल या फोल्डर को खोल नहीं सकेगा.

३.यह तरीका थोड़ा कम सुरक्षित है.इसमें फोल्डर को छुपा दिया जाता है.लेकिन फोल्डर
अपनी जगह से हटता नहीं है.इसमें सिर्फ नज़र को धोका दिया जाता है और आम कंप्यूटर
यूजर इसको देख नहीं पाता. इसके लिए जिस फोल्डर को छुपाना हो उस पर राईट क्लिक
करके rename करें अब keyboard से alt+255 टाइप करके enter कर दें अब आपका
बिना नाम का फोल्डर बन जायेगा. अब इस पर राईट क्लिक करके property में जाएँ
फिर customise पर क्लिक करें फिर निचे change icon पर क्लिक करें.अब आपके
सामने बहुत से icon नज़र आयेंगे उसमे से खाली icon को जिस में कुछ दिखाई नहीं
दे रहा हो सेलेक्ट कर दें.फिर apply करके ओके कर दें.

अब आपका फोल्डर तो वहीँ रहेगा लेकिन दूसरों को आसानी से मालुम नहीं चलेगा कि
यहाँ कोई फोल्डर है. इन तीनो तरीकों में दूसरा तरीका सबसे ज्यादा सुरक्षित है.

3 अपनी हार्डडिस्क ड्राइव्स को कैसे छुपायें ?

अगर आप चाहते हैं की आपके अलावा दूसरा कोई व्यक्ति आपके कंप्यूटर
की हार्डडिस्क ड्राइव्स मतलब कि C D E F आदि को देख और इस्तेमाल ना
कर सके तो इसके लिए निचे बताये गए तरीके पर अमल करें.
सबसे पहले start पर क्लिक करें फिर run में जाएँ वहां बॉक्स में टाइप
करें gpedit.msc फिर ओके कर दें. अब आपके सामने group policy की विंडो
खुलेगी उसमें से user configuration फिर administrative templates पर
क्लिक करें फिर windows components पर क्लिक करें फिर वहां से windows
explorer को खोलें. अब दायीं तरफ एक लिस्ट आएगी उसमे से hide these
specified drives in my computer पर डबल क्लिक करें. अब जो विंडो खुले
उसमें enabled को सेलेक्ट करें.सेलेक्ट करते ही निचे आपको कुछ आप्शन
मिलेंगे.अब जो जो ड्राइव आपको छुपानी है उनको सेलेक्ट कर दें.अगर सभी
ड्राइव्स को छुपाना हो तो restrict all drives को सेलेक्ट कर दें.अब apply करके
ओके कर दें फिर बाहर आ जाएँ.
अब जो जो ड्राइव आपने छुपाई है वो my computer से गायब हो जाएगी
और कोई भी आम यूजर उनको देख नहीं सकेगा. ड्राइव्स को वापस my computer
में दिखाने के लिए आखरी विंडो में enabled की जगह disabled को सेलेक्ट कर दें .

Friday, March 5, 2010

1 इन्टरनेट एक्स्प्लोरर को लगाएं ताला

अगर आप चाहते हैं की आपकी गैर मौजूदगी में आपके कंप्यूटर
पर कोई दूसरा व्यक्ति इन्टरनेट इस्तेमाल न कर सके तो इसके लिए
निचे बताये गए तरीके पर अमल करें .
पहले internet explorer को खोलें फिर tools पर जाएँ वहां से
internet options को क्लिक करें अब जो विंडो खुलेगी उसमें से content
को सेलेक्ट करें .वहां से content advisor में enable पर क्लिक करें.अब
content advisor की विंडो खुलेगी उसमे general पर क्लिक करें.इस विंडो
में supervisor password के सामने create password पर क्लिक करें वहां
पर अपना पासवर्ड टाइप करें फिर ओके कर दें .अब बाहर आ जाएँ .
अब कोई भी व्यक्ति आपके डाले गए पासवर्ड के बिना कोई भी वेबसाइट
नहीं खोल सकता .यह ध्यान रहे यह पासवर्ड सिर्फ इन्टरनेट एक्स्प्लोरर के
लिए है अगर आपके कंप्यूटर में दूसरा कोई वेब ब्राउजर है तो उस पर यह
पासवर्ड लागू नहीं होगा और कोई भी वेबसाइट बिना पासवर्ड के खुल जाएगी .

अब बताइये कैसी लगी जानकारी ..

5 अपने सिस्टम की पूरी जानकारी देखें एक ही जगह


जब आप नया कंप्यूटर खरीदते हैं या असेम्बल कराते हैं तो आपको
उसके बारे में सभी जानकारी होती है की उसमे कोनसा मदरबोर्ड, प्रोसेसर,
रैम आदि लगा हुआ है लेकिन जब आप सेकंडहैण्ड कंप्यूटर खरीदते है तो
ये जानकारी आपको नहीं होती और दुकानदार जो बोले उस पर विश्वास करना
पड़ता है .और केबिनेट खोल कर एक एक पार्ट को चेक करना एक टेढ़ा काम है.
आमतौर पर हम प्रोसेसर वगैरह की जानकारी system की property
में जाकर देखते हैं लेकिन वहां सीमित जानकारी होती है और कई बार
गलत भी. एक्सपर्ट लोग इस जानकारी को चेंज कर देते हैं और p-3 को
p-4 दर्शा देते हैं इस तरह हम धोके का शिकार हो जाते हैं .
लेकिन विंडोज में कुछ टूल्स है जिनकी सहायता से हम अपने सिस्टम
की सही सही जानकारी मालुम कर सकते हैं वो भी एक ही जगह .
१. पहले start पर जाएँ फिर run में जाएँ वहां टाइप करे dxdiag फिर ओके
कर दें अब आपके सामने आपके सिस्टम की पूरी जानकारी आ जाएगी .
२. सबसे पहले start पर जाएँ फिर all programs पर माउस ले जाएँ अब
आपके सामने प्रोग्राम लिस्ट आ जाएगी उसमें accessories पर माउस
ले जाएँ फिर system tools पर माउस ले जाएँ और लिस्ट में से system
information को क्लिक कर दें थोड़ी देर में आपके सिस्टम की पूरी जानकारी
आपके सामने आ जाएगी .

Wednesday, March 3, 2010

0 गूगल सर्च को बनायें केल्क्युलेटर

क्या आप को मालूम है कि आप गूगल सर्च से केल्क्युलेटर की
तरह जोड़, बाकी, गुना और भाग कर सकते हैं. नहीं मालूम तो में आपको
बताता हूँ .आप अपनी संख्या सर्च बॉक्स में निचे बताये गए तरीके से
टाइप करें.आपके टाइप करते ही सर्च बॉक्स के निचे आपका परिणाम
मिल जायेगा नहीं तो enter कर दें आपको परिणाम मिल जायेगा .

जोड़ के लिए - 8+4 enter
बाकी के लिए- 8-4 enter
गुणा के लिए- 8*4 enter
भाग के लिए- 8/4 enter

6 क्या आपका कंप्यूटर स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेता है?

क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई
कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके
startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड
करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में
ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी
एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है .
इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स
को आवश्यकता होने पर बाद में भी मेनुअल स्टार्ट कर सकते हैं .

सबसे पहले आप start में जाएँ फिर run पर क्लिक करें अब आपके सामने
एक बॉक्स खुल जायेगा उसमें टाइप करें msconfig फिर ओके कर दें अब
आपके सामने system configuration utility की विंडो खुल जाएगी.
system configuration utility विंडोज का बहुत उपयोगी टूल है इसमें हम
अपने सिस्टम के स्टार्टअप प्रोग्राम्स और सर्विसेस को देख सकते हैं और
अपनी मर्जी से बदलाव कर सकते हैं
अब startup पर क्लिक करें अब आपके सामने ऑटोमेटिक स्टार्ट होने वाले
सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट आ जाएगी अब आप जिस जिस प्रोग्राम को स्टार्टअप
से हटाना चाहते हैं उनको uncheck कर दें .यह ध्यान रहे कि कुछ प्रोग्राम्स
का आपके सिस्टम के साथ स्टार्ट होना जरूरी है जैसे एंटीवायरस उनको
uncheck न करें .अब apply कर दें फिर कंप्यूटर को रिस्टार्ट कर दें

अब बताइये आपका सिस्टम तेजी से स्टार्ट होता है या नहीं

2 अपने कंप्यूटर की किसी भी सर्विस को डिसेबल करें


अगर आप चाहते हैं कि आपकी गैर मौजूदगी में कोई आपके कंप्यूटर पर
इन्टरनेट न चला सके या आपका सीडीरोम इस्तेमाल न कर सके या दूसरी कोई
भी सर्विस यूज न कर सके तो इसके लिए आप निचे बतायी गयी बातों पर अमल करें.

सबसे पहले start पर जाएँ फिर control panel खोलें फिर system को खोलें .
अब आपके सामने एक विंडो खुलेगी उसमें hardware पर क्लिक करें. फिर
device manager को खोलें अब आपके सामने आपके सिस्टम की सभी सर्विसेस
की लिस्ट आ जाएगी.
अब अगर आपको सीडीरोम को डिसेबल करना हो तो
CD-ROM drives के साथ वाले + को क्लिक करें अब आपके कंप्यूटर की सीडीरोम
की डिवाइस नज़र आएगी उस पर राईट क्लिक करें और प्रोपर्टी में जाएँ अब आपके
सीडीरोम की विंडो खुलेगी उसमें सबसे निचे use this device(enable) का आप्शन
नज़र आएगा उसको बदल कर do not use this device(disable) सेलेक्ट कर दें. अब
आपका सीडीरोम डिसेबल हो गया अब कोई भी आपके सीडीरोम को इस्तेमाल नहीं
कर सकता .अब अगर आप इन्टरनेट को डिसेबल करना चाहते हैं तो लिस्ट में से
modems को सेलेक्ट कर के डिसेबल कर दें.इसी तरह आप जिस सर्विस को बंद
करना चाहें कर सकते हैं .सर्विस को वापस चालू करने के लिए use this service (enable)
को सेलेक्ट कर दें .

अब बताइये कैसी लगी आपको यह ट्रिक .

Tuesday, March 2, 2010

1 मोबाइल से कंप्यूटर पर कैसे चलायें इन्टरनेट ? (पार्ट २)

पिछली पोस्ट में मैंने आपको मोबाइल को केबल के द्वारा कंप्यूटर से
कनेक्ट करना बताया था अब ब्ल्यूटूथ द्वारा कनेक्ट करना बताऊंगा .इसके लिए
आपके कंप्यूटर में ब्ल्यूटूथ डिवाइस होना जरूरी है,जो की कंप्यूटर शॉप से आसानी
से मिल जाती है इस पैक में एक सीडी आएगी जिसमें ब्ल्यूटूथ का सॉफ्टवेर होता
है और एक यूएसबी डोंगल कंप्यूटर से जोड़ने की लिए. सबसे पहले कंप्यूटर में
पीसी सूट इंस्टोल करें इसके बाद सीडी से ब्ल्यूटूथ का सॉफ्टवेर इंस्टोल करें फिर
एक बार कंप्यूटर रिस्टार्ट करें .अब डोंगल को कंप्यूटर के यूएसबी पोर्ट में डालें
थोड़ी देर में यह सन्देश आएगा blutooth started इसका मतलब आपका कंप्यूटर
ब्ल्यूटूथ से जुड़ने के लिए तैयार है .
अब अपने मोबाइल का ब्ल्यूटूथ ऑन करें और कंप्यूटर में ब्ल्यूटूथ के
सॉफ्टवेर को ओपन करें इसमें आपको एक ओरेंज बॉल नज़र आएगी उस पर
क्लिक करें तो सॉफ्टवेर ब्ल्यूटूथ डिवाइस को सर्च करना शुरू कर देगा थोड़ी देर
में आपके मोबाइल का आइकोन नज़र आने लगेगा उस पर डबल क्लिक करें अब
वहां आपके मोबाइल का मॉडल नंबर नज़र आएगा उस पर राईट क्लिक करें वहां
pair पर क्लिक करें अब आपसे passkey माँगा जायेगा उसमें 123 डाल दें.
अब आपके मोबाइल पर भी passkey माँगा जायेगा वहां भी 123 डाल दें .और
ok करदें. अब कंप्यूटर और मोबाइल जुड़ चुके हैं.

अब वापस मोबाइल आइकोन पर राईट क्लिक करें वहां से connect-
dialup service को क्लिक करें क्लिक करते ही एक विंडो खुलेगी उसमें
property पर क्लिक करें वहां आप देखें की dial number में कुछ लिखा
है या नहीं,नहीं तो यह नंबर दाल दें- *99***1# फिर ओके कर दें .
अब control panel/phone and modems/modems/bluetooth dun modem/property/advanced
पर क्लिक करें वहां आपको एक बॉक्स नज़र आएगा उसमें यह कमांड डाल दें-
+CGDCONT=,,"airtelgprs.com"
इसमें airtelgprs.com की जगह अपना access point डाल दें अब ok कर दें .

अब जो पहले विंडो खोली थी उसमें dial पर क्लिक करें थोड़ी देर में कंप्यूटर
स्क्रीन पर इन्टरनेट जुड़ने का सन्देश आ जाएगा .अब आप इन्टरनेट का
आनंद उठा सकते हैं .

Monday, March 1, 2010

2 मोबाइल से कंप्यूटर पर कैसे चलायें इन्टरनेट?(पार्ट-१)

मोबाइल से कंप्यूटर पर इन्टरनेट चलाने के लिए पहले मोबाइल को कंप्यूटर से कनेक्ट करना
करना पड़ता है. कनेक्ट दो तरीके से किया जाता है केबल के द्वारा और ब्ल्यूटूथ के द्वारा.पहले में
आपको केबल से कैसे जोड़ा जाता है बताता हूँ. सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर में अपने मोबाइल
का pc suite इंस्टोल करें. पीसी सूट मोबाइल के साथ आने वाली सीडी के अन्दर होता है,नहीं
तो सम्बंधित मोबाइल की वेबसाइट से डाउनलोड कर इंस्टोल कर लें. अब केबल को कंप्यूटर से
जोड़ें. अब अगर सिस्टम केबल के ड्राईवर मांग रहा हो तो अपने मोबाइल के साथ वाली सीडी डाल
कर ड्राईवर इंस्टोल कर लें,नहीं तो कोई आवश्यकता नही. अब अपने मोबाइल को केबल से जोड़िए.
अब मोबाइल स्क्रीन पर कुछ आप्शन आयेंगे उसमें से pc suite को सेलेक्ट करें(नोट- कई मोबाइलों
में यह ऑप्शन्स नही आते है बल्कि सीधे ही कनेक्ट हो जाता है) अब कंप्यूटर स्क्रीन पर आपके
मोबाइल कनेक्ट होने का सन्देश आएगा इस तरह n73 connected अब आपका मोबाइल कनेक्ट
हो गया है. लेकिन अभी एक काम और करना है. पीसी सूट को ओपन करें,उसमें से connect to
the internet पर क्लिक करें. फिर setting में जाइए. वहां से अपने मोबाइल का मोडम सेलेक्ट करें.
फिर next करें,वहां दो आप्शन मिलेंगे उसमे से configure the connection manually सेलेक्ट
करें फिर next करें अब access point के बॉक्स में अपने मोबाइल सर्विस प्रदाता का access point
डालें. हर सर्विस प्रदाता का अपना अलग access point होता है जैसे एयरटेल का airtelgprs.com
अब username और password को खाली छोड़ दें और finish कर दें अब connect पर क्लिक कर
दीजिये. अब आपका कंप्यूटर इन्टरनेट चलाने के लिए तैयार है .

सभी नोकिया फोन्स के लिए यही तरीका अपनाएँ. बाक़ी दुसरे मोबाइल ब्रांड्स के लिए भी इसी तरीके
पर अमल करें लेकिन इन मोबाइल ब्रांड्स के पीसी सूट का इंटरफेस थोडा अलग होता है इसलिए इनमें
मेनू और आप्शन में फर्क हो सकता है लेकिन आप थोड़ी सी मेहनत करके कामयाब हो जायेंगे.

अगली पोस्ट में मोबाइल को कंप्यूटर से ब्ल्यूटूथ द्वारा कैसे कनेक्ट किया जाता है बताया जायेगा.

Sunday, February 28, 2010

1 मोबाइल से चलायें कंप्यूटर पर इन्टरनेट

आज भी भारत में ब्रॉडबैंड आम आदमी की पहुँच से दूर है.इसके कई
कारण भी है. ब्रॉडबैंड के लिए लेंडलाइन कनेक्शन की आवश्यकता होती है
जो कि मोबाइल आने के बाद ज्यादातर लोगों ने कटवा दिए हैं और अगर कोई
नया कनेक्शन लेना भी चाहे तो इसके कनेक्शन चार्जेज,सिक्यूरिटी,मोडेम
आदि खर्चा इतना है कि आम आदमी इच्छा होने के बावजूद भी ब्रॉडबैंड कनेक्शन
ले नहीं पाता. इसके अलावा ब्रॉडबैंड प्लान्स भी इतने महंगे है कि हर किसी के बस
कि बात नहीं .लेकिन इसका एक विकल्प है gprs सर्विस जो कि मोबाइल कम्पनियाँ
प्रदान करती है. इसके द्वारा आप मोबाइल और पीसी दोनों पर इन्टरनेट चला
सकते हैं. भारत में सभी मोबाइल कम्पनियां यह सेवा प्रदान करती है. gprs के
प्लान्स ब्रॉडबैंड से बहुत सस्ते होते हैं, हाँ स्पीड जरूर कम होती है.लेकिन जो लोग
इन्टरनेट का इस्तेमाल ई-मेल भेजने मंगाने,सामान्य नेट सम्बन्धी काम करने,
सर्फिंग करने या ब्लॉग लेखन में करते हैं उनके लिए gprs बहुत सस्ता और बढ़िया
विकल्प है. आप को बस अपनी आवश्यकता के अनुसार कोई भी gprs प्लान अपने
मोबाइल नंबर पर एक्टिवेट कराना पड़ता है,जो कि रिचार्ज कूपन या sms के द्वारा
उपलब्ध है .इसका एक फायदा यह भी है कि इसमें आप ब्रॉडबैंड की तरह किसी एक
स्थान से बंधे हुए नहीं होते हैं .आप चाहे तो अपने घर के कंप्यूटर पर आप चाहे तो
अपनी ऑफिस के कंप्यूटर या किसी और जगह इन्टरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
और अगर आप कंप्यूटर से दूर हों तो अपने मोबाइल पर इन्टरनेट का आनंद उठा
सकते हैं.

अब आप यह सोच रहे होंगे कि मोबाइल से कंप्यूटर पर इन्टरनेट कैसे चलाया जाता
है तो इसके लिए आप मेरी अगली पोस्ट का इंतज़ार करें .

Friday, February 26, 2010

17 विंडोज xp की corrupt फाइल्स रिपेयर कीजिये

हमारे कंप्यूटर में वायरस के कारण या गलत सॉफ्टवेयर डालने
के कारण विंडोज xp की फाइल्स corrupt हो जाती है,फिर कंप्यूटर में
कई तरह की समस्याएँ आने लगती है,कई प्रोग्राम काम करना बंद कर
देते हैं,सिस्टम कई तरह के errors देने लगता है,फिर हमें नई विंडो
इंस्टोल करनी पड़ती है,सभी प्रोग्राम दुबारा इंस्टोल करने पड़ते हैं.यह
काम बहुत समय लेने वाला काम है और झंझट वाला भी.

लेकिन मैं आपको एक ऐसा तरीका बताता हूँ जिससे आप 10 मिनट में
आपके सिस्टम की सभी corrupted फाइल्स और errors को ठीक कर
सकते हैं.सबसे पहले आप start पर क्लिक कीजिये फिर run में जाइए
वहां टाइप करें sfc /scannow यह ध्यान रहे कि sfc और / [स्लेश] के
बीच में स्पेस है.फिर ok कर दीजिये, ok करते ही एक विंडो खुलेगी जिसमें
आपको विंडोज xp की cd डालने को कहा जाएगा, cd डालते ही स्कैनिंग
चालु हो जाएगी जो 5 से 10 मिनट तक चलेगी.यह आपकी सभी फाइल्स
को रिपेयर करेगा और सभी errors दूर कर देगा.
स्केन फिनिश होने के बाद एक बार कंप्यूटर रिस्टार्ट कर दीजिये .

0 आपका कंप्यूटर कब ऑफ हुआ कब ऑन जानिये

क्या आप जानना चाहते है कि आपका का कंप्यूटर अंतिम
बार कब off हुआ और कब on हुआ तो इसके लिए मैं आपको
एक तरीका बताता हूँ-
सबसे पहले आप start बटन पर क्लिक कीजिये फिर run
में जाइए,वहां टाइप करें regedit फिर ok करेंगे तो आपके सामने
registry editor की विंडो खुलेगी इसमें आपको निचे दिए गए
निर्देश के मुताबिक क्लिक करना है-
HKEY_LOCAL_MACHINE/SOFTWARE/MICROSOFT/WINDOWS NT/CURRENT VERSION/PREFETCHER
जब आप इसमें PREFETCHER पर क्लिक करेंगे तो दायीं तरफ
आपको कुछ option नज़र आयेंगे इसमें ExitTime के सामने जो समय
है वो कंप्यूटर off होने का है और जो StartTime के सामने है वो कंप्यूटर on
कब हुआ उसका समय है.
कैसी लगी आपको यह ट्रिक जरूर बताना.

Thursday, February 25, 2010

0 तेज गति वाला वेब ब्राउजर गूगल chrome

क्या आप अब भी इन्टरनेट एक्स्प्लोरर जैसा सुस्त और असुरक्षित
वेब ब्राउजर यूज कर रहे हैं तो छोड़िये इस ब्राउजर को और अपनाइए गूगल का
तेज गति वाला वेब ब्राउजर google chrome
इसको लॉन्च हुए कुछ ही महीने हुए है.इसमें कई खूबियाँ हैं.यह प्रोग्राम
तेजी से खुलता है,और वेबसाइट्स को भी तेजी से लोड करता है.जो लोग यह सोचते
हैं कि दुनिया का सबसे तेज ब्राउजर फायरफोक्स है तो वो गलत है.फायरफोक्स भी
chrome के सामने फीका पड़ता है.इसमें आप सीधे ही address bar से गूगल में
सर्च कर सकते हैं.यह ब्राउजर सुरक्षा के लिहाज से भी बहुत अच्छा ब्राउजर है,जब
आप कोई ऐसी साईट खोलते हैं जिसमें वायरस,स्पाइवेयर या मालवेयर हो तो यह
साईट खोलने से पहले ही आपको चेतावनी दे देगा. इसमें आप एक साथ कई साइट्स
अलग अलग टैब में खोल सकते हैं.इसके अलावा भी इसमें बहुत सी खूबियाँ हैं.मैं इसे
पिछले कई महीनो से यूज कर रहा हूँ और मैंने इसे बाकी सब ब्राउजर्स से बेहतर पाया.
आप इसे google chrome की साईट से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं.

2 गूगल सर्च टिप्स

यह मेरी पहली पोस्ट है. इसमें आपके लिए गूगल के कुछ टिप्स
दे रहा हूँ जिससे आपको गूगल सर्च में बेहतरीन परिणाम मिल सकते
हैं.
१.अगर आप गूगल में कोई शब्द सर्च करना चाहते हैं और आप
चाहते हैं की गूगल वो शब्द किसी विशेष साईट में से ही सर्च करे तो
इसके लिए आपको सर्च बॉक्स में यूँ लिखना होगा,उदाहरण के तौर
पर आपको bollywood शब्द सर्च करना है और सिर्फ yahoo.com
में सर्च करना है तो आप यूँ लिखेंगे-
bollywood site:www.yahoo.com
फिर सर्च करें तो गूगल आपको याहू के ही परिणाम दिखायेगा.
२.अगर आप वो ही साइट्स सर्च करना चाहते हैं जिसके एड्रेस
में आपका सम्बंधित शब्द आता है,उदाहरण के तौर पर आप hindi शब्द
वाली साइट्स सर्च करना चाहते है तो सर्च बोक्स में यूं लिखेंगे-
allinurl:hindi
तो गूगल आपको वही साइट्स सर्च करके देगा जिनके address में
hindi शब्द आता है.
3.अगर आप गूगल में सिर्फ फाइल्स सर्च करना चाहते हैं उदाहरण
के लिये आप hindi शब्द से सम्बंधित pdf फाइल्स सर्च करना चाहते हैं तो
सर्च बोक्स में यूं लिखेंगे- hindi filetype:pdf फिर सर्च करेंगे तो गूगल आपको
आपकी सर्च की हुई pdf फाइल्स ही दिखायेगा,और आप इन को direct
डाउनलोड भी कर सकते हैं.